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बुधवार, मई 01, 2013

 
जगत के कष्ट
तुम्हें प्रणाम !
नहीं भूलने देते तुम -
क्षण भर भी,
ठाकुरजी का नाम !!


जगत के कष्ट
तुम्हें प्रणाम !

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