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मंगलवार, मार्च 06, 2012

श्री रामकृष्ण (हँसकर) - केशव सेन ने एक दिन लेक्चर दिया। कहा, ' हे ईश्वर ऐसा करो कि हम लोग भक्ति नदी में गोते लगा सकें और गोते लगा कर सच्चिदानन्दसागर में पहुँच जाएँ।' स्त्रियाँ सब 'चिक' की ओट में बैठी थी। मैंने केशव से कहा, ' एक ही साथ सब आदमियों के गोते लगाने से कैसे होगा ? तो इन लोगों ( स्त्रियों) की दशा क्या होगी ? कभी कभी किनारे लग जाया करना। फिर गोते लगाना, फिर ऊपर आना।' केशव और दूसरे लोग हँसने लगे।

-श्रीरामकृष्ण वचनामृत से

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