Apka Swagat hai !
माँ
छत की मुंडेर पर
बालक, झुक जाता है बहुत अधिक
तभी देखती है उसे माँ
खींचती है पकड़कर
लगाती है एक थप्पड़
डांटती है
ओर जब बालक
पूरे वेग से रोने लगता है
तो उसे उठाकर
लगा लेती है सीने से
ओर रोने लगती है स्वय भी
बालक के साथ !
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