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गुरुवार, नवंबर 17, 2011

- एक माँ : दो रोटियां -


माँ के लिए

कितने आनंद का कार्य होता है

अपने चार बेटों के लिए

भोजन पकाना !

पर उन्ही चार बेटों पर

उस एक माँ की

दो रोटियां

इतनी भारी क्यों पड़ती है ?

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