श्री रामकृष्ण - "....और चैतन्य ने इस नाम का प्रचार किया था ( हरिनाम का)। देखो चैतन्य देव कितने बड़े पण्डित थे और वे अवतार थे। उन्होंने इस नाम का प्रचार किया था अतएव यह बहुत ही अच्छा है। ( हंसते हुए) कुछ किसान एक न्योते में गए थे। भोजन करते समय उनसे पूछा गया, तुम लोग आमड़े की खटाई खाओगे? उन्होंने कहा, 'बाबूओ ने अगर उसे खाया हो तो हमें भी देना।' मतलब यह कि उन्होंने अगर खाया होगा तो वह चीज अच्छी ही होगी! (सब हंसते हैं)।
- रामकृष्ण वचनामृत से
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