Apka Swagat hai !
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चुप रहा था मैं तो
उनके अदब कि ख़ातिर
कहते रहे वे सबसे -
"जुबान नहीं है !"
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लेते थे शिखर पर
हाथों हाथ जो हमें
आते ही जमीं पर
कहे, पहचान नहीं है
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