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शुक्रवार, नवंबर 18, 2011

श्री रामकृष्ण - (शशधर के प्रति ) - "तुम शक्ति की बात कुछ कहो।"

शशधर - "मैं क्या जानता हूँ ?"


श्री रामकृष्ण ( हंसते हुए ) - "एक आदमी एक व्यक्ति की बहुत भक्ति करता था। उसने उस भक्त से तम्बाकू भर लाने के लिए कहा। इस पर भक्त ने कहा 'क्या मैं आपकी आग लाने के योग्य हूँ ?' फिर आग भी नहीं लाया !" ( सब हंसते हैं। )

-रामकृष्ण वचनामृत से

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