Be Positive & Win all Purushartha
Apka Swagat hai !
पेज
मुखपृष्ठ
यह ब्लॉग खोजें
गुरुवार, नवंबर 24, 2011
श्री रामकृष्ण - ( भक्तों से )- मन से काम और कांचन के गए बिना अवतार को पहचानना मुश्किल हैं। किसी बैंगन वाले से हीरे का मोल पूछा था। उसने कहा, ' मैं इसके बदले में नौ सेर बैंगन दे सकूँगा। इससे अधिक एक भी नहीं!' ( सब हँस पड़े।)
- रामकृष्ण वचनामृत से
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें