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गुरुवार, नवंबर 24, 2011

श्री रामकृष्ण - ( भक्तों से )- मन से काम और कांचन के गए बिना अवतार को पहचानना मुश्किल हैं। किसी बैंगन वाले से हीरे का मोल पूछा था। उसने कहा, ' मैं इसके बदले में नौ सेर बैंगन दे सकूँगा। इससे अधिक एक भी नहीं!' ( सब हँस पड़े।)


- रामकृष्ण वचनामृत से

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