श्री रामकृष्ण - "कुछ गीता , भागवत और वेदान्त पढ कर लोग सोचते हैं, हमने सब समझ लिया। चीनी के पहाड़ पर एक चींटी गई थी। एक दाना खाने से ही उसका पेट भर गया। एक दाना और मुहं में दबा कर वह घर लौट पड़ी। जाते हुए सोच रही थी, अबकी बार आकर सारा पहाड़ उठा ले जाउंगी।" ( सब हंसते हैं। )
--रामकृष्ण वचनामृत से
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