श्री रामकृष्ण - ".........सब ईश्वर की इच्छा से हो रहा है। यहाँ पर यदि तुम्हे चैतन्य प्राप्त हो , तो मुझे निमित्त मात्र जानना। चंदा मामा सभी के मामा है। ईश्वर की इच्छा से सब हो रहा है।
गिरीश ( हंसते हुए )- ईश्वर की इच्छा से न ? मैं भी तो यहीं कह रहा हूँ । (सभी की हंसी)
- श्री रामकृष्ण वचनामृत से
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