*******
श्री रामकृष्ण कुछ मिष्ठान गृहण करके जायेंगे।
केशव (चन्द्र सेन) के बड़े लड़के वहां आकर बैठे।
अमृत ने कहा - ' यह केशव का बड़ा लड़का है। आप आशीर्वाद दीजिये। यह क्या! सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दीजिये। '
श्री रामकृष्ण ने कहा "मुझे आशीर्वाद न देना चाहिये।" यह कहकर मुस्कुराते हुए बच्चे की देह पर हाथ फेरने लगे।
अमृत ( हँसते हुए ) - अच्छा तो देह पर हाथ फेरिये। ( सब हंसते हैं।)
केशव (चन्द्र सेन) के बड़े लड़के वहां आकर बैठे।
अमृत ने कहा - ' यह केशव का बड़ा लड़का है। आप आशीर्वाद दीजिये। यह क्या! सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दीजिये। '
श्री रामकृष्ण ने कहा "मुझे आशीर्वाद न देना चाहिये।" यह कहकर मुस्कुराते हुए बच्चे की देह पर हाथ फेरने लगे।
अमृत ( हँसते हुए ) - अच्छा तो देह पर हाथ फेरिये। ( सब हंसते हैं।)
-श्री रामकृष्ण वचनामृत
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें