नरेन्द्र -( श्री रामकृष्ण के प्रति)- गिरीश घोष के साथ वार्तालाप हुआ, बहुत बड़े आदमी है। आपकी चर्चा हो रही थी।
श्री रामकृष्ण- " क्या चर्चा ?"
नरेन्द्र - आप लिखना पढना नहीं जानते, हम सब पंडित हैं, यहीं सब बातें हो रही थी। ( हंसी)
-श्री रामकृष्ण वचनामृत से
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