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बुधवार, दिसंबर 21, 2011

नरेन्द्र -( श्री रामकृष्ण के प्रति)- गिरीश घोष के साथ वार्तालाप हुआ, बहुत बड़े आदमी है। आपकी चर्चा हो रही थी।


श्री रामकृष्ण- " क्या चर्चा ?"


नरेन्द्र - आप लिखना पढना नहीं जानते, हम सब पंडित हैं, यहीं सब बातें हो रही थी। ( हंसी)



-श्री रामकृष्ण वचनामृत से

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