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शुक्रवार, दिसंबर 23, 2011

कलकत्ते से ईशान आये हैं। फिर ईश्वरी प्रसंग हो रहा है। ईशान को ईश्वर पर बड़ा विश्वास है। वे कहते हैं, जो घर से निकलते समय एक बार भी दुर्गा नाम स्मरण कर लेते हैं, शूल हाथ में लिए शूलपाणी उनके साथ जाया करते हैं। विपत्ति में फिर भय क्या है। शिव स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।


श्री रामकृष्ण -(ईशान से) - तुम्हे बड़ा विश्वास है। हम लोगों को इतना नहीं है। ( सब हंसते हैं।)


-रामकृष्ण वचनामृत से

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