ईशान ( हंसकर) - एक बालक ने सुना कि ईश्वर ने हमें पैदा किया है। इसलिए उसने अपनी प्रार्थना जताने के लिए ईश्वर के नाम पर एक पत्र लिख कर लेटरबॉक्स में डाल दिया। पता लिखा था - स्वर्ग ! ( सभी हँसे)
श्री रामकृष्ण (हंसते हुए) - देखा ! इसी बालक की तरह विश्वास चाहिए। तब होता है।
- श्रीरामकृष्ण वचनामृत से
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