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बुधवार, जनवरी 18, 2012

श्री रामकृष्ण ( राम के प्रति ) - राम तुम कहाँ थे ?

राम- जी, ऊपर था।

(श्री रामकृष्ण तथा भक्तों की सेवा के लिए राम ऊपर प्रबंध करने गए थे। )

श्री रामकृष्ण - ( राम से , सहास्य) - ऊपर रहने की अपेक्षा क्या नीचे रहना अच्छा नहीं ? नीची जमीन में ही पानी ठहरता है। ऊँची जमीन से पानी बह जाता है।

राम - ( हँसते हुए) - जी हाँ।

- श्रीरामकृष्ण वचनामृत से

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