श्री रामकृष्ण ( राम के प्रति ) - राम तुम कहाँ थे ?
राम- जी, ऊपर था।
(श्री रामकृष्ण तथा भक्तों की सेवा के लिए राम ऊपर प्रबंध करने गए थे। )
श्री रामकृष्ण - ( राम से , सहास्य) - ऊपर रहने की अपेक्षा क्या नीचे रहना अच्छा नहीं ? नीची जमीन में ही पानी ठहरता है। ऊँची जमीन से पानी बह जाता है।
राम - ( हँसते हुए) - जी हाँ।
- श्रीरामकृष्ण वचनामृत से
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