... इसी समय एक बालक भक्त सारदा आये और श्री रामकृष्ण को प्रणाम किया।
श्री रामकृष्ण (सारदा से) - तू दक्षिणेश्वर क्यों नहीं आता ? मैं जब कलकत्ता आया करता हूँ , तो तू दक्षिणेश्वर क्यों नहीं आता ?
सारदा - मुझे खबर नहीं मिलती।
श्री रामकृष्ण - अब तुझे खबर दूंगा। ( मास्टर से सहास्य) लड़कों की एक फेहरिस्त तो बनाओ। ( मास्टर और भक्त हंसते हैं।)
- रामकृष्ण वचनामृत से
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