यह ब्लॉग खोजें

शुक्रवार, जनवरी 06, 2012

... इसी समय एक बालक भक्त सारदा आये और श्री रामकृष्ण को प्रणाम किया।

श्री रामकृष्ण (सारदा से) - तू दक्षिणेश्वर क्यों नहीं आता ? मैं जब कलकत्ता आया करता हूँ , तो तू दक्षिणेश्वर क्यों नहीं आता ?

सारदा - मुझे खबर नहीं मिलती।

श्री रामकृष्ण - अब तुझे खबर दूंगा। ( मास्टर से सहास्य) लड़कों की एक फेहरिस्त तो बनाओ। ( मास्टर और भक्त हंसते हैं।)


- रामकृष्ण वचनामृत से

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें