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गुरुवार, जनवरी 19, 2012

श्री रामकृष्ण ( केशव के प्रति ) - अजी, ये विजय आये हैं। तुम लोगों का झगडा विवाद मानो शिव और राम की लड़ाई है। राम के गुरु शिव है। दोनों में युद्ध भी हुआ, फिर संधि भी हो गई। पर शिव के भूत-प्रेत और राम के बन्दर ऐसे थे कि उनका झगड़ना - किचकिचाना रुकता ही न था। ( सब जोर से हंस पड़े।)

- श्रीरामकृष्ण वचनामृत से

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